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Memories of Another day

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While my Parents Pulin babu and Basanti devi were living

Sunday, September 25, 2011

Fwd: [पुस्‍तक-मित्र] इरोम शर्मिला मणिपुर की 39 वर्षीया बहादुर बेटी और...



---------- Forwarded message ----------
From: Maya Mrig <notification+kr4marbae4mn@facebookmail.com>
Date: 2011/9/25
Subject: [पुस्‍तक-मित्र] इरोम शर्मिला मणिपुर की 39 वर्षीया बहादुर बेटी और...
To: पुस्‍तक-मित्र <pustakmitar@groups.facebook.com>


इरोम शर्मिला मणिपुर की 39 वर्षीया बहादुर बेटी...
Maya Mrig 2:45pm Sep 25
इरोम शर्मिला मणिपुर की 39 वर्षीया बहादुर बेटी और मानवाधिकार कार्यकर्ता व कवयित्री हैं, जो पिछले 10 सालों से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून जैसी जनविरोधी नीति के खिलाफ अनशन पर बैठी हैं। इतने लंबे अनशन के बाद भी मणिपुर की ऑयरन लेडी इरोम चानू शर्मिला के हौसले आज भी बुलंद हैं और उसे उम्मीद है कि एक दिन उनकी बात सुनी जाएगी। भारत के पूर्वोत्तर में पचास के दशक से चले आ रहे कई पृथकतावादी आंदोलनों की चुनौती से निपटने के लिए उस इलाके में सरकार ने सशस्त्रबल विशेषाधिकार कानून लागू किया है। इसके तहत सेना की कार्रवाई किसी भी कानूनी जांच-परख के परे है और उस पर कोई उंगली नहीं उठाई जा सकती। इरोम दो नवंबर, 2000 से मणिपुर में आ‌र्म्ड फोर्सेज स्पेशल पॉवर एक्ट, 1958 जिसे सशस्त्रबल विशेषाधिकार कानून भी कहा जाता है को हटाए जाने की मांग पर अनशन करने के लिए बैठी हुई हैं।
इरोम के जीवन और आंदोलन पर प्रकाश डालती दीप्ति प्रिया मेहरोत्रा की यह पुस्‍तक गत दिनों प्रकाश में आई है। इसे दानिश बुक्‍स, नई दिल्‍ली ने प्रकाशित किया है।

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Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/

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