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Memories of Another day

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While my Parents Pulin babu and Basanti devi were living

Sunday, May 26, 2013

सट्टा बजारौ डीलरशिप वास्ता प्रार्थना पत्र अर प्रोजेक्ट रिपोर्ट




गढ़वाली हास्य -व्यंग्य 
 सौज सौज मा मजाक मसखरी 
   हौंस,चबोड़,चखन्यौ    
    सौज सौज मा गंभीर चर्चा ,छ्वीं  

                             सट्टा बजारौ डीलरशिप वास्ता प्रार्थना पत्र अर प्रोजेक्ट रिपोर्ट

                               चबोड़्या - चखन्यौर्या: भीष्म कुकरेती
(s = आधी अ )

 परसि गां जयुं थौ। अपण घौरुम बैठ्यूं छौ कि बनवारी काका ऐ ग्याइ।
बनवारी काका -ओ भलो ह्वै गे जु तू मीलि गे। निथर मि तैं कोटद्वार जाण पोड़द 
मि -कनो क्या ह्वाइ काका?
बनवारी काका -तीम लेपटॉप अर नेट कनेक्सन त छैं च ना?
मि -हाँ बोल काक क्या काम च
बनवारी काका -अरे वो नाति का वास्ता डीलरशिप चयाणि च त भर्युं डीलरशिप फौरम अर प्रोजेक्ट रिपोर्ट नेट से आजि भिजण 
मि -क्यांक डीलरशिप ?
बनवारी काका -दाउद कम्पनी क सट्टा  बजारौ डीलरशिप।
मि -क्या ?
बनवारी काका -क्या क्या नाती कुण दाउद कम्पनी क सट्टा  बजारौ डीलरशिप मील जावो तो वारे न्यारे ह्वे जाल। बाकि बात पैथर होलि तू यीं साइट पर विजिट कौर अर फौरम भौर। जू बि पुछणाई पूछ अर फौरम भरद जा।
बनवारी काका को मूड से पता चलणो छौ कि काका तैं देर हूणि च। मीन दाउद ऐंड कम्पनी सट्टा बजार साइट ख्वाल अर डीलरशिप फौरम डाउनलोड कार। कुछ सवालों जबाब तो मि जाणदो छौ। जु नि जाणदो छौ वो मीन बनवारी काका तैं पूछिक भौर
मि -काका फौरम मा लिख्युं च की - क्या तू लालची, बेशरम, बिलंच,ईर्ष्यालु, कुनेथिक   है
बनवारी काका -हाँ हाँ भौर कि हम तो जनम से ही लालची, बेशरम, बिलंच, जळथमार, कुनेथिक    छंवाँ। 
मि -इखम  एक प्रश्न पुछ्युं च बल क्या तू और तेरा परिवार शैतान और शैतानीयत की पूजा करोगे?क्या तू खुले आम शैतान की औलाद कहलाना पसंद ?
बनवारी काका -शैतान और शैतानीयत की पूजा ! अरे हम तो शैतान और शैतानीयत तैं अपण कुलदिवता घोषित करी द्योला। बेटिंग सिंडिकेट जैदिन आदेश दयाल मि शैतान को मन्दिर चिणै द्योलु। अरे आज ही मि अपण जात बदलिक 'शैतान' कौर दींदु।
मि -ठीक च . फिर पुछ्युं च  त्यार ग्राहक कख कख छन?
बनवारी काका -लेख बल अबि त चालीस पचास गां मा होला पण बेटिंग सिंडिकेट की कृपा होलि त द्वीइ मैना मा  सौ द्वी सौ गांवु पर कब्जा कौर द्योला
मि -फिर सवाल च -क्या तेरे को विश्वास है कि तू कम से कम दस लाख प्रति सप्ताह की बेटिंग करवा सकता है याने धंधे  की मिनिमम गारेंटी चाहिए
बनवारी काका -लेख . विश्वास ! पूरो विश्वास च बल  जै हिसाब से लोगुंम आळी -जाळी धंदा करिक पैसा आणु च तो बीसेक लाख प्रति सप्ताह धंधा तो होलु ही
मि -फिर लिख्युं च बल क्या तू लालच की बीमारी सारे क्षेत्र में फैला सकेगा? क्या तू सदाचार अपने क्षेत्र से सदा के लिए मिटा पायेगा और अनाचार, दुराचार, कुविचार, गबन जैसी बीमारी   अपने अधकृत क्षेत्र में फैला पायेगा?
बनवारी काका -लेख - मीन लालच की बीमारी या अनाचार, दुराचार, कुविचार क्या फैलाण? जब देश को शीर्ष नेतृत्व सदाचार तै तिलांजलि देक बैठ्याँ ह्वावन  अर अनाचार, दुराचार, कुविचार, गबन  का प्रतनिधि ह्वावन तो प्रजा माँ अनाचार, दुराचार, कुविचार, गबन जैसी बीमारी अफिक ऐ जांदी
मि -फिर लिख्युं च - बल जब कभी कम्पनी को अन्य अवैध, दो नम्बर के धंधे जैसे चरस गांजा, अपहरण , फिरौती माँगना, दूसरों की मिल्कियत पर  अवैध कब्जा करना,अवैध  हथियारों की तस्करी जैसे धंधे के लिए प्रतिनिथियों की आवश्यकता होगी तो तू तैयार होगा?
बनवारी काका -इखमा ले क्या च। लेख  कि एक दै क्वी बि इन अवैध धंधा मा ऐ जावो तो फिर  वै तैं सबि तरां को अवैध धंधा करण हि पोड़द 
मि -क्या तू देश द्रोह का काम कर सकता है
बनवारी काका -हाँ।
मि -क्या तू हमारे  द्वारा प्रायोजित आतंकवादी कार्यकलापों को परोक्ष  या अपरोक्ष रूप से सहायता करेगा?
बनवारी काका -इखमा  क्या च ? जब मि एक दें दाउद इब्राहिम बेटिंग बिजिनेस को सदस्य ह्वै ग्यायि  तो आतंकवादी संगठनो तै सहायता करण म्यार परम कर्तव्य ही ना म्यार विशेष धर्म ह्वे जांद
मि -काका बेटिंग सिंडिकेट डीलरशिप को फॉर्म भरे ग्यायि
बनवारी काका -शुक्रिया
मि -काका ! एक बात बथादि क्या इन अवैध काम करण जरूरी च?
बनवारी काका - मि तैं नि पूछ। जा देस का नेताओं तैं पूछ। जौंक सह पर भारतम बेटिंग सिंडिकेट को इथगा बड़ो जाळ फैलि गे।
Copyright @ Bhishma Kukreti  25/05/2013           
(लेख सर्वथा काल्पनिक  है )

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Regards
Bhishma  Kukreti

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