उत्तराखण्ड में सामने आया कॉरपोरेट घरानों का क्रूर चेहरा

केदारनाथ में फँसे कई यात्रियों को उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कोई मदद नहीं दी जा रही है व इस आपदा के असल जिम्मेदार कॉरपोरेट घरानों द्वारा यात्रियों की मजबूरी का नजायज फायदा उठा कर लूट मचायी जा रही है।
ऑल इंडिया यूनियन आफ फारेस्ट वर्किंग पीपुल्स की रोमा द्वारा भेजे गये एक फेसबुक लिंक https://www.facebook.com/dhruv.kandpal.33?hc_location=timeline को देखें जो ध्रुव कांडपाल द्वारा भेजा गया है। ध्रुव 15 जून से केदारनाथ के पास काली मठ के आसपास जंगलों में अपने पिता व अन्य के साथ फँसे हुये हैं। उन लोगों को निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है।
रोमा ने बताया कि धुव्र उनके साथी रजनीश के बच्चों के साथ पड़ता है। उन्होंने बताया कि "धुव्र इस तरह से फँसा हुआ है। इस खबर को सुनते ही हम लोगों ने रूद्र प्रयाग के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को ध्रुव के बारे में व उसके लोकेशन उनको बताया व उन्हें कहा कि जल्द से जल्द उन तक मदद पहुँचायी जाये। ध्रुव अपने दोस्तों के साथ एसएमएस के जरिये खबरें भेज पा रहा है। उसने कल बताया कि उसने उत्तराखण्ड सरकार की हेल्पलाईन पर खबर की थी उसे बताया गया कि उन तक दो दिन में ही मदद पहुँच पायेगी। वे लोग काफी मायूस हैं। हमारे अधिकारियों से बात करने के बाद करीब एक घण्टे बाद धु्रव से एसएमएस आया कि वहाँ जेपी ग्रुप वाले लोगों को जहाज से ले जाने के लिये एक लाख रूपये माँग रहे हैं व पानी के एक कप पानी की कीमत 20 रू और एक मैगी 120 रू में मिल रही है।"

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