'केदारनाथ में लाशें ही लाशें, मंदिर में बस शिवलिंग'
नई दिल्ली।। उत्तराखंड की केदारघाटी में कुदरत ने किस कदर कहर बरपाया है, यह वहां से बचकर निकली एक महिला श्रद्धालु ने बयां किया है। बबीता मोदी नाम की इस महिला ने देहरादून में बताया कि केदारघाटी में सैलाब के समय उन्होंने कई लोगों को बहते देखा। केदारनाथ से आते समय उन्होंने हजारों शव जहां-तहां बिखरे देखे। उन्होंने केदारनाथ में कम से कम दो हजार लोगों के मरने की आशंका जाहिर की है। बकौल बबीता केदारनाथ मंदिर को भारी नुकसान हुआ है। केदारनाथ मंदिर के परिसर में मौजूद नंदी और मंदिर के अंदर पांडवों की मूर्ति बह गई हैं। मंदिर के अंदर बस शिवलिंग ही बचा है।(देखिए तो जरा, क्या से क्या हो गया केदारनाथ धाम)
उस रात बिरला गेस्ट हाउस में रुकीं बबीता मोदी ने एक टीवी चैनल को बताया, '16 तारीख को रात आठ बजे पानी का सैलाब आया। हम लोग मंदिर के बिल्कुल पास बिड़ला गेस्ट हाउस में रुके हुए थे। हम आपस में बात ही कर रहे थे कि तभी अचानक कमरे में पानी भरने लगा। हमारे दो लोग पानी के साथ ही बह गए। हम किसी तरह दूसरे फ्लोर पर भागकर गए। इसके बाद हम कपड़ों की रस्सी बनाकर गेस्टहाउस से नीचे कूदे और मंदिर की ओर भागे। हमारे बह गए साथी हमें मंदिर में मिले। सोमवार सुबह साढ़े छह बजे फिर पानी का सैलाब आया। उसने मंदिर को तबाह कर दिया। उस समय हम पास ही पंडित के घर पर थे। सुबह जिन लोगों ने मंदिर में शरण ली हुई थी उनमें से अधिकांश बह गए। जो किसी चीज को पकड़ पाए वही बचे। वहां 7 फीट तक पानी भर गया था।'
उस रात बिरला गेस्ट हाउस में रुकीं बबीता मोदी ने एक टीवी चैनल को बताया, '16 तारीख को रात आठ बजे पानी का सैलाब आया। हम लोग मंदिर के बिल्कुल पास बिड़ला गेस्ट हाउस में रुके हुए थे। हम आपस में बात ही कर रहे थे कि तभी अचानक कमरे में पानी भरने लगा। हमारे दो लोग पानी के साथ ही बह गए। हम किसी तरह दूसरे फ्लोर पर भागकर गए। इसके बाद हम कपड़ों की रस्सी बनाकर गेस्टहाउस से नीचे कूदे और मंदिर की ओर भागे। हमारे बह गए साथी हमें मंदिर में मिले। सोमवार सुबह साढ़े छह बजे फिर पानी का सैलाब आया। उसने मंदिर को तबाह कर दिया। उस समय हम पास ही पंडित के घर पर थे। सुबह जिन लोगों ने मंदिर में शरण ली हुई थी उनमें से अधिकांश बह गए। जो किसी चीज को पकड़ पाए वही बचे। वहां 7 फीट तक पानी भर गया था।'

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