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Memories of Another day

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While my Parents Pulin babu and Basanti devi were living

Friday, July 26, 2013

Subeer Goswamin अट्ठन्नी में भी बात बन सकती थी मगर वो चलती नहीं है

अट्ठन्नी में भी बात बन सकती थी मगर वो चलती नहीं है 
5 रूपए,12 रूपए, 1 रूपए में खाना मिलने वाले ढाबों का ठेका लोकसभा चुनाव से पहले ही मिला करता है फारूख अब्दुल्ला जी से सेटिंग हो तो बात बन सकती है .
500 रूपए के हिसाब से प्रति थाली का भुगतान चुनाव के बाद हो जायेगा ..... निश्चिन्त रहें 
चुनाव आयोग को पता भी नहीं चलेगा........

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