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Memories of Another day

Memories of Another day
While my Parents Pulin babu and Basanti devi were living

Wednesday, June 24, 2015

स्वामी सहजानंद ने नारा दिया था- "जो अन्न-वस्त्र उपजाएगा, अब सो क़ानून बनायेगा ये भारतवर्ष उसी का है, अब शासन वहीं चलायेगा।"


स्वामी सहजानंद ने नारा दिया था-
"जो अन्न-वस्त्र उपजाएगा, अब सो क़ानून बनायेगा
ये भारतवर्ष उसी का है, अब शासन वहीं चलायेगा।"
भारत में अन्नदाता किसानो के आन्दोलन का सूत्रपात करनेवाले स्वामी सहजानंद सरस्वती की आज पुण्यतिथि है .....उनके संघर्ष और स्मृति को शत -शत नमन l
स्वामी सहजानंद ने पटना के समीप बिहटा में सीताराम आश्रम स्थापित किया जो किसान आंदोलन का केन्द्र बना। वहीं से वे पूरे आंदोलन को संचालित करते रहे। संघर्ष के साथ-साथ स्वामी जी सृजन के भी प्रतीक पुरुष थे। अपनी तमाम व्यस्तताओं के बावजूद स्वामीजी ने सृजन का कार्य जारी रखा। दो दर्जन से ज़्यादा पुस्तकों की रचना की। मेरा जीवन संघर्ष नामक जीवनी लिखी। अप्रैल, 1936 में कांग्रेस के लखनऊ सम्मेलन में 'अखिल भारतीय किसान सभा' की स्थापना हुई और स्वामी सहजानंद सरस्वती को उसका पहला अध्यक्ष चुना गया। 
लिंक क्लिक करके पूरा जीवन परिचय पढ़े l

स्वामी सहजानन्द सरस्वती (जन्म:22 फ़रवरी1889ग़ाज़ीपुर - मृत्यु:25 जून, 1950पटना) भारत के राष्ट्रवादी नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। स्वामी जी भारत में किसान आन्दोलन के जनक थे। वे आदि शंकराचार्य सम्प्रदाय के दसनामी संन्यासी अखाड़े के दण्डी संन्यासी थे। वे एक बुद्धिजीवी, लेखक, समाज-सुधारक, क्रा...

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