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Tuesday, February 21, 2012

जे डे हत्याकांड में वोरा आरोपित, पुलिस ने किया ‘मजबूत’ सबूत का दावा

जे डे हत्याकांड में वोरा आरोपित, पुलिस ने किया 'मजबूत' सबूत का दावा

Wednesday, 22 February 2012 09:30

मुंबई, 21 फरवरी (एजेंसी) परिस्थितिजन्य , इलेक्ट्रॉनिक और बयानों के 'मजबूत' सबूतों का हवाला देते हुए मुंबई पुलिस ने आज पत्रकार जे डे हत्याकांड में कथित भूमिका के लिए तीन महीने पहले गिरफ्तार जिगना वोरा के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया और उसे 'उकसाने वाला' करार दिया । 
1471 पन्नों के पूरक आरोप-पत्र में अपराध शाखा ने वोरा के खिलाफ मकोका के कड़े प्रावधान , हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत नष्ट करने जैसे भादंवि की विभिन्न धाराएं और शस्त्र कानून के तहत आरोप लगाए हैं।
आरोप-पत्र संयोग से वोरा के जन्मदिन के दिन दायर किया गया ।
आरोप पत्र में 27 गवाहों के बयानों को लिया गया है। इनमें मेट्रोपॉलिटन और न्यायिक दंडाधिकारी के सामने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत तीन व्यक्तियों का बयान दर्ज है जिसका इस्तेमाल उनके पलट जाने पर भी किया जा सकता है ।
आरोप पत्र का ब्योरा देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त हिमांशु राय ने बताया, ''हमारे सबूत संकेत करते हैं कि साजिश मारे जा चुके गैंगस्टर फरीद तनाशा की पृष्ठभूमि में 2010 में रची गई । हम :आरोप पत्र में: दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि डे और वोरा के बीच दुश्मनी या दुर्भावना की शुरूआत तनाशा से जुड़े कुछ प्रसंगों से हुई।''
वोरा और डे के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता का हवाला देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि पिछले साल 19 मई को डे ने एक आलेख प्रकाशित किया जिसमें कहा कि दाउच्च्द इब्राहिम पाकिस्तान से फरार हो चुका है ।
उन्होंने कहा, ''हमारे पास सबूत हैं कि 25 मई को वोरा ने राजन से टेलीफोन पर बात कर इस बात की पुष्टि की कि क्या दाउच्च्द पाकिस्तान छोड़ चुका है जिसके बाद 26 मई को उसने डे की नई खबर को झुठलाती अपनी खबर लिखी ।'' उन्होंने कहा कि इसके ब्यौरे आरोप पत्र में दिए गए हैं ।
रॉय ने कहा, ''राजन ने पॉलसन :मामले के आरोपी: को मार्च 2011 में ग्लोबल रोमिंग सिम कार्ड लेने के लिए कहा जिसका इस्तेमाल अपराध में किया गया ।'' साथ ही उन्होंने कहा कि डे 20 अप्रैल से 6 मई 2011 के बीच लंदन में थे जहां उन्होंने राजन को मुलाकात करने को कहा लेकिन गैंगस्टर ने पकड़े जाने के डर से मिलने से इंकार कर दिया ।

संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि हत्या से पहले मई और जून के बीच राजन और वोरा के बीच कम से कम 30 बार टेलीफोन पर बातचीत हुई ।
उन्होंने कहा, ''30 मई को डेन ने अपनी खबर में कहा कि राजन बूढ़ा हो चुका है और उसका गिरोह कमजोर हो रहा है।  इस समय जिग्ना और सह आरोपी पॉलसन के बीच कई बार बातचीत हुई। फोन कॉल की पड़ताल उसके मंसूबे को दिखाती है।''
विशेष मकोका अदालत ने आज आरोपपत्र पर संज्ञान लिया और सभी आरोपियों की हिरासत 12 मार्च के लिए बढ़ा दी। 
मिड डे अखबार के पत्रकार जे डे हत्याकांड की जांच कर रही अपराध शाखा ने तीन दिसंबर को इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ पहला आरोपपत्र दाखिल किया था। इन 12 आरोपियों में भगोड़ा अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का नाम शामिल था। 
'एशियन एज' अखबार की उप ब्यूरो प्रमुख जिग्ना को मकोका के तहत 25 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। दिवंगत पत्रकार की मोटरसाइकिल का नंबर और पता छोटा राजन को मुहैया करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। 
आरोपपत्र में प्रत्येक आरोपी की भूमिका के बारे में बताया गया है लेकिन इसमें जिग्ना का जिक्र नहीं है, जिनके नाम का उल्लेख पूरक आरोपपत्र में किया गया है। 
पुलिस ने उनका मोबाइल फोन और कंप्यूटर रिकार्ड जब्त कर लिया है। 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिग्ना के नाम का जिक्र आरोपी और राजन के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत में था।

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