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Memories of Another day

Memories of Another day
While my Parents Pulin babu and Basanti devi were living

Sunday, August 4, 2013

Ak Pankaj बिहार का कोई भाषाविद्, साहित्यकार, समाजशास्त्री या पत्रकार यह बताने का कष्ट करेंगे कि बिहार के थारू आदिवासियों की भाषा कैसे खत्म हो गयी? इसका जिम्मेदार कौन है? सरकार, समाज या खुद थारू? यह भी बताएं कि भोजपुरी, मैथिली, अंगिका, मगही खत्म नहीं हुई. पर थारू ही क्यों और कैसे खत्म हो गयी?

बिहार का कोई भाषाविद्, साहित्यकार, समाजशास्त्री या पत्रकार यह बताने का कष्ट करेंगे कि बिहार के थारू आदिवासियों की भाषा कैसे खत्म हो गयी? इसका जिम्मेदार कौन है? सरकार, समाज या खुद थारू?

यह भी बताएं कि भोजपुरी, मैथिली, अंगिका, मगही खत्म नहीं हुई. पर थारू ही क्यों और कैसे खत्म हो गयी?

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