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Memories of Another day

Memories of Another day
While my Parents Pulin babu and Basanti devi were living

Sunday, August 4, 2013

खेत का गीत

खेत का गीत 


बेचो खेत बेचो खेत 
बिल्डर कह रहे बेचो खेत 

खेत खल्हानी बहुत है गर्इ
बिजली पानी बहुत है गर्इ 
भुस और सानी बहुत है गर्इ 
गांव किसानी बहुत है गर्इ 

काए नहीं तुम पैसा लेत
बिल्डर कह रहे बेचो खेत

खेत बेचकर मोटर लाओ
बापे अपनो नाम लिखाओ
नेता को झंडा लटकाओ
रात दिना फिर वाए घुमाओ

काए नहीं तुम कागद देत
बिल्डर कह रहे बेचो खेत

जमा बैंक में पैसा राखो
ले ओ ब्याज हजारों लाखो
दिन भर बैठे गप्पें हाकों
जाए देखो वाए ताको

बुझो बुझो तूं जल्दी चेत 
बिल्डर कह रहे बेचो खेत 

साभार : पवन करण

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